मरू लोक संस्कृति से ओत-प्रोत रही शोभायात्रा
मरु महोत्सव में सोनार दुर्ग से पूनमसिंह स्टेडियम तक निकली गई शोभायात्रा ने जैसलमेर के बाशिन्दों को ही नहीं बल्कि देशी-विदेशी पर्यटकों को भी मरु लोक संस्कृति से रूबरू कराया। शोभायात्रा का नगर वासियों ने अपने घरों की छतों से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। शहरवासियों ने महोत्सव को उत्सव के रूप में लिया और इसमे बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई। शोभायात्रा की एक झलक पाने के लिए मार्ग के दोनों तरफ एवं घरों की छतों पर जन सैलाब उमड़ पड़ा।
सीमा सुरक्षा बल के सजे-धजे ऊँट व उन पर बैठे बांके जवान आकर्षण का केन्द्र रहे
बीएसएफ के सजे-धजे ऊंट उन पर सवार बीएसएफ के जांबाज आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा में केमल माउण्टेन बैंड वादकों का समूह, मंगल—कलश लिए बालिकाएं, लोक कलाकारों का कारवां दुर्ग से प्रारंभ हो कर शहर में मुख्य मार्ग से होती हुई शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंच कर शानदार समारोह में परिवर्तित हो गई। शोभायात्रा में सीमा सुरक्षा बल के उपसमादेष्टा श्री मनोहर सिंह शेखावत के नेतृत्व में सजे-धजे ऊँटों पर शाही पोषाक में अपने हाथों में भाले लिए हुए बांके जवान सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र रहे। देशी-विदेशी सैलानियों ने इस मनोरम दृश्य को अपने कैमरों में कैद कर लिया।
शोभायात्रा में श्रृंगारित ऊँटों पर सवार रौबीले मरु श्री एवं इस प्रतियोगिता के प्रतिभागी, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित ऊँट एवं ऊँट गाड़ियों पर सवार मिस मूमल व महेन्दा के प्रतियोगी सहित विभिन्न झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहीं। लोक कलाकारों के जत्थों ने रास्ते भर लोक नृत्यों और लोक वाद्यों से लय-ताल की धूम मचाते हुए मरु संस्कृति और राजस्थानी परंपराओं का दिग्दर्शन कराया।
लोक कलाकारों ने मचाई लोक संस्कृति की धूम
शोभायात्रा में सबसे आगे बास्केटबॉल अकादमी के छात्र अपने हाथों में पर्यटन विभाग का लोगो सहित बैनर लिए हुए चल रहे थे। वहीं मस्कवादन कलाकारो ने मस्क के माध्यम से राजस्थानी लोक गीतों की मधुर स्वरियां पेश कर सभी को मोहित किया, यहीं नहीं इस पर कई महिला पर्यटकों ने उत्साह के साथ नृत्य भी किया। इसके साथ ही रंगी-बिरंगी पोशाकों में सजी-धजी बालिकाएं अपने सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थी, वहीं आंगीगैर द्वारा शानदार नृत्य पेश किया गया। इसके साथ ही लोक कलाकरों द्वारा कच्छी घोड़ी नृत्य पेश कर पूरे माहौल को संगीत से सरोबार कर दिया। मूमल-महिन्द्रा की झांकी भी ऊँट गाड़ी पर आकर्षण का केंद्र रही।
शहर में हुआ भव्य स्वागत
शहर की हृदय स्थली गोपा चौक से होती हुई यह यात्रा मुख्य बाजार, जिंदानी चौक, सदर बाजार, गांधी चौक, होते हुए हनुमान चौराहा से निकल कर शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंची। शहर वासियों ने कतारें लगाकर शोभायात्रा का लुत्फ उठाया वहीं पुष्पवर्षा कर विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों का अभिनंदन एवं स्वागत के साथ ही हौसला अफजाई की। शोभायात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोक कलाकार अपने क्षेत्र की संस्कृति और नृत्य प्रस्तुत किया।
विदेशी मेहमानों ने लिया बढ़-चढ़ कर हिस्सा, महोत्सव को देख हुए रोमांचित
कोरोना के बाद मरू महोत्सव में इस बार विदेशी पर्यटकों की अच्छी भागीदारी रही। शोभायात्रा में घरेलू पर्यटकों के साथ ही विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए। शोभायात्रा के सभी सुनहरे, मनोहारी दृश्यों को अपनी चिरस्थायी याद के लिए कैमरो में कैद किया।