उद्योग विभाग के आयुक्त महेंद्र पारख Industries Department Commissioner Mahendra Parakh ने कहा कि रविवार को अवकाश होने के कारण फुटफाल में और भी बढ़ोतरी होगी। उन्होंने कहा कि फूड फेस्टिवल में सफाई और स्वच्छता का पूरा ध्यान रखा गया है। आमजन अपने परिजनों के साथ उत्सव का आनंद उठा सकते हैं। पारख ने कहा कि इस फूड फेस्टिवल का उद्देश्य जिलों में चल रहे व्यंजनों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और उनकी ख्याति राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाना है। उन्होंने बताया कि विभाग की मंशा ऎसे फूड फेस्टिवल प्रति वर्ष लगाने की है, ताकि लोगों को स्तरीय जायके के साथ उत्पादकों को बेहतर ग्राहक मिल सकें।
युवाओं ने उत्सव को सराहा
शहर के खानपान के शौकीन युवाओं ने जयपुर के हाट बाजार में लगी जायकेदार स्टालों का न केवल रसास्वादन किया, बल्कि सरकार द्वारा की गई पहल को भी सराहा। ब्रह्मपुरी से अपने ग्रुप के साथ आई पारुल राज का कहना है कि इस तरह के आयोजन से न केवल प्रदेश भर के मशहूर व्यंजन एक ही जगह मिल सके, वहीं दूसरे जिलों के मशहूर पकवानों के बारे में भी जानकारियां मिली। वहीं एक और ग्रुप के साथ आए युवा अक्षित का मानना है कि ऎसे आयोजन शहर के हर हिस्से में निरंतर हों।
बीकानेर की नमकीन, कोटा की कचौरी, जयपुर का घेवर, कुल्फी, तन्दूरी चाय एवं पान आदि आमजन को खासे रास आ रहे हैं। उत्सव में राजस्थान के प्रसिद्ध साबुत एवं पिसे हुए मसालों, इनके पेस्ट एवं प्रोसेस्ड पैकेज के साथ-साथ परम्परागत पात्र, भरतपुर का आचार -मुरब्बे, सॉस, पापड़-बड़ी, खाखरे, पाचक चूर्ण चटनी आदि की स्टॉल्स भी लोगों को आकर्षित कर रही हैं।
सारिका कुमट-रसोई क्वीन तो सृष्टि बनी मिष्ठान क्वीन
उत्सव को दिलचस्प बनाने के लिए शनिवार को हुई व्यंजन प्रतियोगिता में राजस्थानी पारंपरिक थाली (शुद्ध शाकाहारी) में प्रथम पुरस्कार बतौर सारिका कुमट को रसोई क्वीन के खिताब से नवाजा गया, वही डेजर्ट एंड स्वीट (शुद्ध शाकाहारी) श्रेणी में सृष्टि को मिष्ठान क्वीन व नव्या फूड को प्रोफेशनल क्वीन पुरस्कार दिया गया। कार्यक्रम के जज के रूप में समीर गुप्ता एवं वर्तिका जैन रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता संयुक्त निदेशक पीएन शर्मा द्वारा की गई।


