डूंगरपुर। श्री जैन नवयुवक मंडल डूंगरपुर की ओर से जैन तीर्थ सम्मेद शिखर को पर्यटन स्थल घोषित करने के विरोध में 7 जनवरी को डूंगरपुर जिला बंद रखा जाएगा। इस दौरान जिलेभर में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। वहीं, जैन समाज की ओर से शहर में धर्मसभा का आयोजन होगा और महारैली निकाली जाएगी।
डूंगरपुर शहर के प्रगति नगर जैन मंदिर में जैन मुनि उपाध्याय 108 दयाऋषि महाराज ने कहा की झारखंड स्थित सम्मेद शिखर 20 जैन तीर्थंकर की मोक्षस्थली एवं अनंत संतों का मोक्ष स्थल है। वहीं, सम्मेद शिखर का कण-कण जैन समाज के लिए पूजनीय है, लेकिन 2 अगस्त 2019 को तत्कालीन झारखंड सरकार की अनुशंसा पर केंद्रीय वन मंत्रालय द्वारा झारखंड के गिरिडीह जिले के मधुबन में स्थित सर्वोच्च जैन शाश्वत तीर्थ सम्मेद शिखर को वन्यजीव अभयारण्य का एक भाग मानते कर इको सेंसेटिव जोन के अंतर्गत पर्यावरण पर्यटन और अन्य गैर धार्मिक गतिविधियों की अनुमति दे दी गई।
उन्होंने बताया की सरकार द्वारा सम्मेद शिखर को पर्यटक स्थल घोषित किए जाने से वहां पर होटलों आदि का निर्माण होगा। जैन नवयुवक मंडल के अध्यक्ष दिलीप नागदा ने कहा की इससे सम्मेद शिखर जी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से वहां पर मांस-मदिरा का उपयोग शुरू हो जाएगा। पर्यटक गतिविधियों से जैन समाज की आस्था के स्थल सम्मेद शिखर के अपवित्र होने की संभावना को देखते हुए जैन समाज पिछले 3 साल से आंदोलन कर रहा है। केंद्र सरकार से इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहा है, लेकिन आज तक जैन समाज की मांग पर सुनवाई नहीं हुई।
उन्होंने कहा की सम्मेद शिखर को पर्यटन क्षेत्र के विरोध में श्रीजैन नवयुवक मंडल डूंगरपुर की ओर से 7 जनवरी को डूंगरपुर जिला बंद रखा जाएगा। जिलेभर में व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहेंगे। वहीं, जैन समाज की ओर से शहर में धर्मसभा का आयोजन होगा और महारैली निकाली जाएगी। वहीं, राष्ट्रपति और प्रधानमन्त्री और झारखण्ड मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा जाएगा। जैन समाज ने चैम्बर ऑफ कॉमर्स से बंद का समर्थन मांगा है।
