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गुरुवार, 25 मई 2023

प्रदेश की खुशहाली के लिए मंदिरों में फहराई गई पीली ध्वजाएं


जयपुर। गुरु-पुष्य संयोग के अवसर पर गुरुवार को देवस्थान विभाग के अंतर्गत आने वाले प्रदेश के सभी मंदिरों में ओम लिखी पीली ध्वजा फहराई गई। देवस्थान मंत्री शकुंतला रावत ने हवामहल के पास कल्कि मंदिर में ध्वजा फहराई और प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि एवं खुशहाली की कामना की।


देवस्थान मंत्री ने कहा कि पूरा विश्व कई वर्षों से कोरोना महामारी से त्रस्त रहा और आमजन को आर्थिक और स्वास्थ्य संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ा। गुरु-पुष्य संयोग के अवसर पर मंदिरों में पीली ध्वजाएं फहराने का उद्देश्य आमजन के सुख और स्वास्थ्य की मंगल कामना करना है। 


उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रदेश में सामाजिक और धार्मिक समरसता को सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। इस दौरान रावत ने कल्कि मंदिर में पूजा- अर्चना की और सभी आगंतुकों का माला पहना कर स्वागत किया। 


रावत ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थ योजना के अंतर्गत यात्रियों की संख्या को बढ़ाकर 40 हजार करने की घोषणा की क्रियान्विति 26 मई को एक बैठक उद्योग भवन में आयोजित की जाएगी।

शुक्रवार, 3 फ़रवरी 2023

मरु महोत्सव-2023 : मरु महोत्सव में लोक कला और संस्कृति का दिखा संगम, सोनार दुर्ग से शोभायात्रा को हरी झंडी दिखाकर किया गया रवाना


जयपुर। चार दिवसीय मरू महोत्सव के दूसरे दिन शुक्रवार को सुबह 8:30 बजे सोनार दुर्ग स्थित लक्ष्मीनाथ मन्दिर में महाआरती का आयोजन किया गया। विधायक रूपाराम धनदेव और जिला कलेक्टर टीना डाबी ने सोनार दुर्ग की अखे पोल से भव्य शोभायात्रा को हरी झंडी दिखा कर रवाना किया। शोभायात्रा में  लोक कला, संस्कृति और परंपराओं का संगम देखने को मिला। इस दौरान पर अतिरिक्त जिला कलक्टर गोपाललाल स्वर्णकार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अमृत जीनगर, राज्य महिला आयोग की सदस्य अंजना मेघवाल, उपखण्ड अधिकारी जगदीश सिंह आशिया, पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक कृष्ण कुमार, जनप्रतिनिधि,  अन्य अधिकारी सहित शहर के गणमान्य नागरिक एवं देशी-विदेशी सैलानी उपस्थित रहे।


मरू लोक संस्कृति से ओत-प्रोत रही शोभायात्रा


मरु महोत्सव में सोनार दुर्ग से पूनमसिंह स्टेडियम तक निकली गई  शोभायात्रा ने जैसलमेर के बाशिन्दों को ही नहीं  बल्कि देशी-विदेशी पर्यटकों को भी मरु लोक संस्कृति से रूबरू कराया। शोभायात्रा का नगर वासियों ने अपने घरों की छतों से पुष्प वर्षा कर स्वागत किया। शहरवासियों ने महोत्सव को उत्सव के रूप में लिया और इसमे बढ़ चढ़कर अपनी भागीदारी निभाई। शोभायात्रा की एक झलक पाने के लिए मार्ग के दोनों तरफ एवं घरों की छतों पर जन सैलाब उमड़ पड़ा।



सीमा सुरक्षा बल के सजे-धजे ऊँट व उन पर बैठे बांके जवान आकर्षण का केन्द्र रहे

बीएसएफ के सजे-धजे ऊंट उन पर सवार बीएसएफ के जांबाज आकर्षण का केंद्र रहे। शोभायात्रा में केमल माउण्टेन बैंड वादकों का समूह, मंगल—कलश लिए बालिकाएं, लोक कलाकारों का कारवां दुर्ग से प्रारंभ हो कर शहर में मुख्य मार्ग से होती हुई शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंच कर शानदार समारोह में परिवर्तित हो गई। शोभायात्रा में सीमा सुरक्षा बल के उपसमादेष्टा श्री मनोहर सिंह शेखावत के नेतृत्व में सजे-धजे ऊँटों पर शाही पोषाक में अपने हाथों में भाले लिए हुए बांके जवान सर्वाधिक आकर्षण का केन्द्र रहे। देशी-विदेशी सैलानियों ने इस मनोरम दृश्य को अपने कैमरों में कैद कर लिया।

शोभायात्रा में श्रृंगारित ऊँटों पर सवार रौबीले मरु श्री एवं इस प्रतियोगिता के प्रतिभागी, पारंपरिक वेशभूषा में सुसज्जित ऊँट एवं ऊँट गाड़ियों पर सवार मिस मूमल व महेन्दा के प्रतियोगी सहित विभिन्न झांकियां आकर्षण का केन्द्र रहीं। लोक कलाकारों के जत्थों ने रास्ते भर लोक नृत्यों और लोक वाद्यों से लय-ताल की धूम मचाते हुए मरु संस्कृति और राजस्थानी परंपराओं का दिग्दर्शन कराया। 




लोक कलाकारों ने मचाई लोक संस्कृति की धूम


शोभायात्रा में सबसे आगे बास्केटबॉल अकादमी के छात्र अपने हाथों में पर्यटन विभाग का लोगो सहित बैनर लिए हुए चल रहे थे। वहीं मस्कवादन कलाकारो ने मस्क के माध्यम से राजस्थानी लोक गीतों की मधुर स्वरियां पेश कर सभी को मोहित किया, यहीं नहीं इस पर कई महिला पर्यटकों ने उत्साह के साथ नृत्य भी किया। इसके साथ ही रंगी-बिरंगी पोशाकों में सजी-धजी बालिकाएं अपने सिर पर मंगल कलश धारण किए हुए शोभायात्रा की शोभा बढ़ा रही थी, वहीं आंगीगैर द्वारा शानदार नृत्य पेश किया गया। इसके साथ ही लोक कलाकरों द्वारा कच्छी घोड़ी नृत्य पेश कर पूरे माहौल को संगीत से सरोबार कर दिया। मूमल-महिन्द्रा की झांकी भी ऊँट गाड़ी पर आकर्षण का केंद्र रही।


शहर में हुआ भव्य स्वागत


शहर की हृदय स्थली गोपा चौक से होती हुई यह यात्रा मुख्य बाजार, जिंदानी चौक, सदर बाजार, गांधी चौक, होते हुए हनुमान चौराहा से निकल कर शहीद पूनमसिंह स्टेडियम पहुंची। शहर वासियों ने कतारें लगाकर शोभायात्रा का लुत्फ उठाया वहीं पुष्पवर्षा कर विभिन्न प्रतियोगिताओं के प्रतिभागियों का अभिनंदन एवं स्वागत के साथ ही हौसला अफजाई की। शोभायात्रा में देश के विभिन्न हिस्सों से आए लोक कलाकार अपने क्षेत्र की संस्कृति और नृत्य प्रस्तुत किया। 




विदेशी मेहमानों ने लिया बढ़-चढ़ कर हिस्सा, महोत्सव को देख हुए रोमांचित


कोरोना के बाद मरू महोत्सव में इस बार विदेशी पर्यटकों की अच्छी भागीदारी रही। शोभायात्रा में घरेलू पर्यटकों के साथ ही विदेशी पर्यटक भी शामिल हुए। शोभायात्रा के सभी सुनहरे, मनोहारी दृश्यों को अपनी चिरस्थायी याद के लिए कैमरो में कैद किया।

सोमवार, 9 जनवरी 2023

जयपुर : राजस्थान की योजनाओं की पूरे देश में चर्चा- मुख्यमंत्री

 

द हिंदी पोस्ट, जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि राजस्थान में लागू जनकल्याणकारी योजनाएं आज पूरे देश में चर्चा का विषय है। बिजली, पानी से लेकर शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक सुरक्षा तक हर क्षेत्र में राज्य मॉडल स्टेट बन कर उभरा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में जनहित में संचालित योजनाओं के लिए बजट की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। गहलोत सोमवार को मुख्यमंत्री आवास पर प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों से आये जनप्रतिनिधियों और आमजन को संबोधित कर रहे थे।


मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की जनहितकारी योजनाओं से हर वर्ग लाभान्वित हो रहा है। उड़ान योजना के माध्यम से महिलाओं और बालिकाओं को प्रतिमाह 12 सैनेटरी नैपकिन निःशुल्क दिए जा रहे हैं, जिससे उनका स्वास्थ्य प्रबंधन बेहतर हुआ है। इंदिरा रसोइयों में आमजन को 8 रुपए में पौष्टिक भोजन परोसा जा रहा है। राज्य सरकार प्रत्येक थाली पर 17 रुपए अनुदान दे रही है। राज्य में 211 नए कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें 94 गर्ल्स कॉलेज भी शामिल हैं। विद्यालय में 500 बालिकाओं के नामांकन पर कॉलेज खोलने का निर्णय राज्य सरकार द्वारा लिया गया है। उन्होंने कहा कि गत सरकारों द्वारा देश में भोजन, रोजगार, शिक्षा आदि अधिकार कानून बनाकर आमजन को दिए गए हैं। इसी प्रकार केन्द्र सरकार को सामाजिक सुरक्षा का अधिकार कानून बनाकर देशवासियों को देना चाहिए। प्रदेश में राज्य सरकार एक करोड़ वृद्धजनों, विधवाओं, दिव्यांगों को सामाजिक सुरक्षा के अंतर्गत पेंशन दे रही है, ताकि उनको आर्थिक संबल मिल सके। मानवीय दृष्टिकोण से पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) लागू की गई है। इससे सरकारी कार्मिकों में अपने भविष्य के प्रति सुरक्षा की भावना आई है। आरजीएचएस के माध्यम से राजकीय कार्मिकों का कैशलेस उपचार किया जा रहा है।




चिरंजीवी योजना से मिली आमजन को राहत-

गहलोत ने कहा कि मुख्यमंत्री चिरंजीवी स्वास्थ्य बीमा योजना के माध्यम से आमजन को महंगे इलाज की चिंता से मुक्ति मिली है। इस योजना के तहत प्रदेशवासियों के लिए 10 लाख तक का इलाज निःशुल्क कर दिया गया है। लीवर ट्रांसप्लांट, किडनी ट्रांसप्लांट, कोक्लियर इम्प्लांट जैसे अंग प्रत्यारोपण वाले उपचारों में 10 लाख की सीमा समाप्त कर दी गई है एवं पूरा खर्चा सरकार वहन कर रही है। आमजन के लिए आईपीडी-ओपीडी उपचार, सभी प्रकार की दवाइयां और महंगी जांचें निःशुल्क कर दी गई हैं। साथ ही, प्रदेशवासियों को 5 लाख का दुर्घटना बीमा भी दिया जा रहा है। 


इससे पहले मुख्यमंत्री ने प्रदेशभर से आए प्रतिनिधिमण्डलों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनी और उचित समाधान का आश्वासन दिया। इनमें रैगर महासभा अध्यक्ष श्री बीएल नवल, इंटक प्रतिनिधि मण्डल, राजस्थान सेवानिवृत्त पुलिस कल्याण संस्थान, नवविकल्प संस्थान के हरीश भूटानी, माली समाज विकास संस्थान सहित विभिन्न जनप्रतिनिधि और विभिन्न क्षेत्रों से जुडे़ लोग शामिल थे। इस अवसर पर राजकीय कार्मिकों ने पुरानी पेंशन योजना लागू करने पर मुख्यमंत्री का धन्यवाद ज्ञापित किया। इस दौरान पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिन्दर सिंह रंधावा, आरटीडीसी चैयरमेन धर्मेन्द्र राठौड़, विधायक अनिल शर्मा, मनोज मेघवाल, विभिन्न जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।