कुछ ऐसा ही मामला सागवाड़ा मे देखने को मिला। जहां एक ओर भूमाफिया अपनी मनमानी करते हुए गुंडागर्दी पर उतर आए हैं । वहीं सम्बंधित विभागों के आलाधिकारी मामले मे लीपापोती करने मे लगे हुए है।
कुछ ऐसा ही ताज़ा मामला डूंगरपुर जिले के सागवाड़ा मे देखने को मिला। मामले मे सागवाड़ा पत्रकार कॉलोनी में विगत 10 वर्ष से निर्मित बाउण्ड्रीवाल व नगरपालिका की राजकीय भूमि पर भूमाफियाओं की ओर से अनाधिकृत रूप से जेसीबी से तोडफोड कर राजकीय सम्पत्ति का नुकसान पहुंचाने पर पत्रकार संघ सागवाड़ा ने दो जनों के खिलाफ थाने में रिपोर्ट दी है।
पुलिस थाने में दी रिपोर्ट में बताया कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की कांग्रेस सरकार की ओर से पत्रकारों को रियायती दर पर भूखण्ड़ आवंटन की योजना के तहत वर्ष-2013 में भूखण्ड आवंटित किए गए थे। नगरपालिका सागवाड़ा ने सम्पूर्ण कॉलोनी काटकर पत्रकारों को रियायती दर पर 25 गुणा 50 फीट के आवासीय भूखण्ड आवंटित किए गए थे। जिसका पंजीयन भी कर दिया था तथा मौके पर पिछले नौ वर्ष से प्लॉटों पर बाउण्ड्रीवाल निर्माण भी कर दिया है।
हाल में जोगपुर निवासी तीन चार जनों ने उक्त भूमि पर हक जताते हुए परेशान किया जा रहा है। सप्ताहभर पहले नगरपालिका अध्यक्ष, अधिशासी अधिकारी एवं कनिष्ठ अभियन्ता की मौजूदगी में मौका निरीक्षण कर पत्रकार कॉलोनी का दोबारा सीमांकन किया था। पत्रकारों की ओर से रविवार को प्लॉटों पर बाउण्ड्री की जा रही थी। जिन्हें रोकने का प्रयास भी किया गया।
इसी रात को अनाधिकृत रूप से इन भू-माफियाओं ने जेसीबी से प्लॉटो पर नौ वर्ष पुरानी बाउण्ड्रीवाल तोड दी गई तथा नगरपालिका की भूमि व सडक़ को खुर्द-बुर्द कर दिया गया है।
राज्य सरकार की ओर से पत्रकारों को दिए प्लॉट पर बाउन्डरीवॉल तोड़ देने पर नगरपालिका में प्रतिपक्ष नेता हरिश्चन्द्र सोमपुरा ने रोष व्यक्त किया है। उन्होंने बताया कि पत्रकारों के भूखण्ड़ों पर कतिपय भू माफियाओं ने पत्रकारों को बेदखल कर दिया है। जो पत्रकारों के प्रति राज्य सरकार के कल्याण कारी कार्यों पर प्रहार है।
पुनर्वास कॉलोनी में कड़ाणा की करोड़ों की अधिशेष भूृमि हथियाने का षडयन्त्र हो चुका है।
सवाल यही है कि सागवाड़ा में किसके शह मे पनप रही है भूमाफियाओं की गुंडागर्दी ?










